Monday, August 4, 2014

इस लाइब्रेरी में किताबें इश्यू और जमा होती हैं एटीएम की तरह


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मांडवी इलाके की सेंट्रल लाइब्रेरी में 4 लाख रुपए के खर्च पर ऑटोमेटिक बुक रिटर्न डेस्क इंस्टॉल किया गया है। ऐसा ड्रॉप बॉक्स रखने वाली यह गुजरात की पहली हाइटेक लाइब्रेरी बन गई है। जिस तरह कार्ड स्वैप करने से एटीएम से रुपए निकालते हैं, उसी तरह वडोदरा शहर की सेंट्रल लाइब्रेरी में मशीन द्वारा बुक इश्यू और जमा की जा सकती है। ऑटो चेक आउट और चेक इन मशीन की मदद से अब पाठक लाइब्रेरी के किसी भी स्टाफ की मदद के बिना बुक इश्यू और जमा करवा सकता है। पिछले दो साल में लाइब्रेरी में RFID (रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन डिवाइस),
ऑटोमेटिक बुक इश्यू डेस्क, ऑटोमेटिक बुक रिटर्न डेस्क, हैंड हेल्ड पोर्टेबल रीडर जैसे 4 नए डिवाइस इंस्टॉल किए गए हैं। स्टेट लाइब्रेरियन कौशिक शाह ने बताया कि लाइब्रेरी से पुस्तक लेने तथा लौटाने के लिए छात्रों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता था। अब ऑटो चेक आउट और चेक इन मशीन आ जाने से छात्रों का समय बचता है। 
क्या है हैंड हेल्ड पोर्टेबल रीडर:
हैंड हेल्ड पोर्टेबल रीडर स्टॉक चेकिंग के लिए उपयोगी है। इस मशीन की मदद से लाइब्रेरी के अलग-अलग रैक में रखे हजारों पुस्तकों का डेटा रिकॉर्डिंग मिनटों में हो जाता है। इतना ही नहीं, रैक में रखे सभी पुस्तकों के डेटा का प्रिन्ट भी निकाला जा सकता है। इस उपकरण की कीमत 132000 रुपए है।
कैसे काम करता है ऑटोमेटिक बुक रिटर्न डेस्क:
ऑटोमेटिक बुक रिटर्न डेस्क के कियोस्क पर पाठक को अपने पसंद की पुस्तक एवं स्मार्ट कार्ड रखना होता है। इसके बाद कियोस्क की स्क्रीन पर बुक इश्यू और यस-नो का विकल्प दिखाई देता है। यस पर क्लिक करते ही पुस्तक पाठक के नाम पर इश्यू हो जाती है। कियोस्क डेस्क की कीमत 4 लाख रुपए है।
क्या हैं फायदे: पाठक लायब्रेरी स्टाफ की मदद के बिना बुक इश्यू तथा रिटर्न कर सकता है। बुक इश्यू या रिटर्न करने के लिए लाइन में खड़े रहने की जरूरत नहीं पड़ती। पाठक एवं लाइब्रेरी स्टाफ का समय बचता है। पूरी प्रक्रिया कम्प्यूटराइज्ड होने के कारण गलती होने की संभावना कम होती है।

साभार: भास्कर समाचार
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